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सत्यनारायण

श्री सत्यनारायण कथा आरती

आरती की जे राजा राम चन्द्र जी के, हरिहर भक्ति करहि संतन सुख दी जे हो! पहिले आरती पुष्प की माला, पुष्प के माला हरिहर पुष्प के माला, कालिया नाग नाथ कृष्ण गोपाला हो ||१|| आरती की जे राजा राम चन्द्र जी के, हरिहर भक्ति करहि संतन सुख दी जे हो! दोसर आरती देवकी नंदन, देवकी नंदन हरिहर देवकी नंदन, भक्त उबारे असुर निकंदन हो ||२|| आरती की जे राजा राम चन्द्र जी के, हरिहर भक्ति करहि संतन सुख दी जे हो! तेसर आरती त्रिभुवन मोहे, त्रिभुवन मोहे हरिहर त्रिभुवन मोहे, गरुड़ सिंघासन राजा रामजी के सोहे हो ||३|| आरती की जे राजा राम चन्द्र जी के,…

आरती श्री सत्यनारायणजी

जय लक्ष्मीरमणा श्री जय लक्ष्मीरमणा। सत्यनारायण स्वामी जनपातक हरणा॥ जय लक्ष्मीरमणा। रत्नजड़ित सिंहासन अद्भुत छवि राजे। नारद करत निराजन घंटा ध्वनि बाजे॥ जय लक्ष्मीरमणा। प्रगट भये कलि कारण द्विज को दर्श दियो। बूढ़ो ब्राह्मण बनकर कंचन महल कियो॥ जय लक्ष्मीरमणा। दुर्बल भील कठारो इन पर कृपा करी। चन्द्रचूड़ एक राजा जिनकी विपति हरी॥ जय लक्ष्मीरमणा। वैश्य मनोरथ पायो श्रद्धा तज दीनी। सो फल भोग्यो प्रभुजी फिर स्तुति कीनी॥ जय लक्ष्मीरमणा। भाव भक्ति के कारण छिन-छिन रूप धर्यो। श्रद्धा धारण कीनी तिनको काज सर्यो॥ जय लक्ष्मीरमणा। ग्वाल बाल संग…